31 साल में पहली बार पुलवामा जिले में एक भी आतंकवादी जिंदा नही बचा है-IG Of Kashmir

 दक्षिण कश्मीर का पुलवामा जिला कभी आतंकवादियों का गढ़ था। बुरहान वानी और जाकिर मूसा जैसे आतंकवादी यहीं त्राल में पैदा हुए थे।  दोनों को पहले ही सुरक्षा बलों ने गोली मार दी है। शुक्रवार को त्राल के चेला उल्लर इलाके में 3 27 जून, 2020, 08:55 AM ISTआतंकवादियों का Enconter हो गया। कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने कहा कि आतंकी 1989 से त्राल में सक्रिय थे, लेकिन अब हिजबुल मुजाहिदीन या यहां मौजूद किसी अन्य संगठन के कोई भी आतंकवादी नहीं थे, सभी का खात्मा हो गया है। 31 साल में ऐसा पहली बार हुआ है की यह एक भी आतंकवादी जिंदा नही बचा है।

31 साल में पहली बार पुलवामा जिले में एक भी आतंकवादी जिंदा नही बचा है-IG Of Kashmir

पुलिस के अनुसार, अवंतीपोरा के ट्रॉल में एक आतंकवादी होने का इनपुट मिला था।  सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने गुरुवार शाम इलाके में तलाशी अभियान चलाया।  सेना ब्रिगेडियर ने कहा, हमने आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने रास्ते में गोलीबारी शुरू कर दी। इस बीच जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकियों को मार गिराया गया।

और दूसरी तरफ कल अनंतनाग में CRPF के काफिले पर हमला हुवा था।आतंकवादियो ने  सीआरपीएफ पार्टी पर गोलीबारी की। जिस हमले में एक जवान शहीद हुए और एक पांच साल के लड़के की मौत हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो गई थी।

अप्रील, मई से ही कश्मीर में आतंकी का सफाया तेजी से चालू हो गया था। जून में 15 मुठभेड़ों में 46 आतंकवादी मारे गए। और आतंकियों की मदद करने वाले लोगों की तलाश भी जारी है।  सेना और पुलिस ने बुधवार को बडगाम के नारबल इलाके में पांच लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगियों को गिरफ्तार किया। उनके पास AK-47 राइफलें, गोला-बारूद के 28 राउंड और 20 लश्कर-ए-तैयबा के पोस्टर थे।

कश्मीर के IG ने कहा कि आतंकियों का सफाया चालू रहेगा और उनके सहयोगी को भी पकड़ने का काम तेजी से चल रहा है।

अभी आतंकियों का खात्मा देखकर पाकिस्तान बौखलाया है और ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को घुसपैठ करा रहा है।

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